Tuesday, August 18, 2026

भुइयाँ के लाल किसनहा

।। भुइयाँ के लाल किसनहा ला।।

भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।
कहलाथे गा जेन हर संगी, भुइयाँ के भगवान हे।।

जाँगर तोड़ महिनत ला करके,जेन हर अन्न उपजाथे।
खून पसीना ला एक करके, भुइयाँ के सेवा बजाथे।।
घाम प्यास चम्मास सबो हर, जेकर बर एक समान हे।
भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।।

भेदभाव काँही नइ जानय, ना ऊँच-नीच के बानी हे।
उँखर बर तो जींयत मरत ले, करना खेती किसानी हे।।
तन ला जलावत करथे महिनत, चाहे भोंमरा या बरसत आसमान हे।
भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।।

खेती इँखर बर मथुरा काँशी, चारो धाम करना किसानी हे।
धरती दाई के सेवा बजाना, इँखर राम कहानी हे।।
महिनत इँखर रग-रग मा बसे, लहू मा भरे ईमान हे।
भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 27-05-2016
Gpsahu2.blogspot.com 

आसो अतेक गरमी जनात हे

।। आसो अतेक गरमी जनात हे।।

भुइयाँ मा चटचट भोंमरा जरथे, हवा मा तन उसनात हे।
घर ले निकलना दूभर होगे,  आसो अतेक गरमी जनात हे।।

पारा हर चालीस ले पचास चढ़गे, सुरुज हा आगी उगलत हे।
तन ले पसीना के धार बहाये, लागथे तन हा पिघलत हे।।
हाथ पाँव अंगरा कस जरथे, टोंटा घलो हर सुखात हे।
आसो अतेक गरमी जनात हे............2।।

तरिया अटागे नदिया सुखागे, बोरिंग घलो हा अब तरपत हे।
बुंद भर पानी बर तरसे ला होगे, घाम हा अतेक करकट हे।।
जीव जन्तु सब प्यासा मरत हे, सुरुज देवता अतेक जलात हे।
आसो अतेक गरमी जनात हे........2

गरमी ले जंगल मा आगी लगत हे, खेत दनगार मारत हे।
घर मा रहना मुश्किल होगे, उमस हा तरपा डारत हे।।
पसीना ले तन तरबतर होगे, अइसे लागे तन उफनात हे।
आसो अतेक गरमी जनात हे..........2

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 13-05-2016
Gpsahu2.blogspot.com  

अइसन मोर संगी हे

।।अइसन मोर संगी हे।।

होंठ हे जेकर लाल-लाल अउ, गुलाबी जेकर गा गाल हे।
मटक-मटक के चलथे गोरी, हंसिनी जइसन गा चाल हे।।
देख ओला मोर मन मोहा जाथे, चाल ओकर गा मतंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

हरियर पिंवरा सलवार दुपट्टा, बैगनी ओकर गा चोली हे।
नीला ओकर हे आँख नशीली, मंदरस जइसे गा बोली हे।।
सबले हिलमिल रहिथे गोरी, मन हा ओकर गा पतंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

जामुनी रंग के फीता गाथे, रेशम जइसन हे ओकर चुंदी गा।
होंठ ले ओकर रस लेवत हावे, भँवरा अउ फफूंदी हे गा।।
फुलवारी कस काया महके, जान लेवत होंठ मुँहरंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

नागिन जइसे बेनी झूले, भौंह लागे तलवार गा।
सावन जइसन भरे जवानी, देह हवय कचनार गा।।
बोली सुनके कान मा लागे, बाजत जइसे सारंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा,  जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 21-12-2010
Gpsahu2.blogspot.com 

दाई-ददा हे सरग के दुआरी

।। दाई-ददा हे सरग के दुवारी।।

सुरता लव इँखर मया के छाँव मा, मन मा मूरत ला भरलव गा।
दाई-ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

जनम देइन हमन ला अपन, नौ महिना कोख मा राख के।
अंगुरी धरके रेंगना सिखाईन, हमर नखरा सहिन उन लाख हे।।
रोज उठ के बड़े बिहनिया, पइयाँ इँखर सब परलव गा।
दाई-ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

खाना खवाइन हमन ला येमन, अपन मन भूखन रहिके।
पढ़ा लिखा के काबिल बनाइन, कतको दुख पीड़ा सहिके।।
हमर ऊपर हे इँखर दूध के करजा, सुरता ओकर करलव गा।
दाई-ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

जम्मो दुख ला सहिन हमर, अपन पीड़ा येमन मान के।
घाम प्यास ले बचा के राखिन, अपन करेजा टुकड़ा जान के।।
इँखर सेवा हे सरग निसेनी, सेवा ला करके सब चढ़लव गा।
दाई ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब  करलव गा।।

छाती ले लगाके राखिन हमन ला, देइन मया अउ दुलार हे।
बिना इँखर हमर जिनगी के कल्पना, करना घलो बेकार हे।।
दाई ददा के चरण के धुर्रा, माथा मा अपन सब मढ़लव गा।
दाई ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 05-10-2015
Gpsahu2.blogspot.com 

आसो रूखी सुखी चला लेबे

।। आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।
करे नइ सकन आसो जादा सेवा, एक लाड़ू मा मन मढ़ा लेबे।।

सोचे रेहेन आसो तोर तिहार ला, धूमधाम  ले सबो मनाबो।
हलवा पुड़ी अउ पेड़ा मिठाई, लाड़ू के भोग लगाबो।।
आसो हमर घर काँही नइ हे, जेन चढ़ाबो ओला तै खा लेबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

घर मा छाये हे गरीबी अउ, फसल मा सुक्खा के मार हे।
का- का आस लगाये रेहेन, फेर ये सबो हर बेकार हे।।
पधारे हस तैं हमर घर मा, अपन मुसवा घलो ला बला लेबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

कहिथे तोला रिद्धि सिद्धि के दाता,दुख पीड़ा के हरइया गा।
विघ्नहर्ता अउ पालन कर्ता, सबके भाग जगइया गा।
हमु आये हन तोर शरण मा, हमरो भाग तै बना देबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 12-09-2015
Gpsahu2.blogspot.com 

जुरमिल पेड़ लगाबो

।। जुरमिल पेड़ लगाबो।।

चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।
धरती दाई के कोरा ला, रूखराई ले सजाबो।।

पेड़ लगाये के अबड़ हे फायदा, नइ हे थोरूक नुकसानी।
चिरई चिरगुन ला बसेरा मिलही, चलही सुग्घर जिनगानी।।
फर फूल अउ लकड़ी दीदी, इकरे ले ही हम पाबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।

पेड़ काटे ले गरमी बाढ़ ही, हो जाही वो करलाई।
दिनो दिन जंगल घटट हावय, कटट हे बड़ रूखराई।।
हमर घटट जंगल ला दीदी,  चलव हम सब बचाबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।

चलव जाबो पेड़ लगाबो, महकाबो अमराई ला।
आज सबो ये किरिया खावव, नइ काटन ओ रूखराई ला।।
इकरे ले तो जिनगानी हे, एला सबो सहराबो। 
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़  
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 13-07-2015
Gpsahu2.blogspot.com 

तभो ले पानी नइ बरसत हे

।। तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।
खेती खार हा सुक्खा पड़गे, चिरई चिरगुन सब तरसत हे।।

पानी के आस मा बइठे किसनहा, ये बादर बैरी बिजरावत हे।
नदिया नरवा सब सुक्खा परगे, अउ तरिया घलो सुखावत हे।।
उमड़ घुमड़ के आथे बादर, अउ बिजरी घलो हा करकट हे।
आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

मुड़ धरके किसनहा बइठे, फसल सबो सुक्खा अइठे।
गरमी कस घाम करत हे, भुइयाँ घलो हा भोंमरा जरथे।।
अकाल झन पड़ जाये आसो, सबो किसान के हिरदे धड़कत हे।
आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

पानी बिना जइसे मछरी तड़पे, वइसने माटी घलो तड़पत आज हे।
ये नकटा बादर बैरी ला, नइ आवत थोरूक भी लाज हे।।
राम जाने अब का होही, मोर आँखी घलो अब फड़कत हे।
आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 02-07-2015
Gpsahu2.blogspot.com 

एक ठन फूल लगा के देख

।। एक ठन फूल लगा के देख।।

बगिया तुँहर कइसे महकथे, एक ठन फूल लगा के तो देख।
जिनगी तुँहर कइसे नइ सँवरही, थोरूक तो मुस्का के तो देख।।

आज के ये कलजुग मा संगी, सबो अपने बर जींयत हे।
दूसर ला कोन कहय गा संगी, अपने दाई-ददा ला नइ पुछत हे।।
मया के बरसा कइसे नइ होही, दाई-ददा ला अपना के तो देख।
बगिया तुँहर कइसे नइ महकही, एक ठन फूल लगा के तो देख।।

लोगन पश्चिम के चक्कर मा, अपन संस्कृति ला भुलावत हे।
करमा ददरिया ला भुलाके संगी, डीजे गाना ला गावत हे।।
गोड़ तुँहर कइसे नइ थिरकही, माँदर धुन ला बजा के तो देख।
बगिया तुँहर कइसे नइ महकही, एक ठन फूल लगा के तो देख।।

जंगल ला अब परिया कर डारिन, रूखराई सबो ला काट के।
भुइयाँ घलो ला कंगला कर डारिन, तरिया नरवा ला पाट के।।
खेत खार कइसे नइ लहराही, बरसा के पानी ला तो छेंक।
बगिया तुँहर कइसे नइ महकही, एक ठन फूल लगा के तो देख।। 

खेती खार बंजर होवत हे, रासायनिक दवा अउ खाद ले।
पानी घलो हर प्रदूषित होगे हे, इकर मन के अपवाद ले।।
माटी घलो मा सोना उपजही, जैविक कृषि ला अपना के तो देख।
बगिया तुँहर कइसे नइ महकही, एक ठन फूल लगा के तो देख।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.9977213968, 9977313968
दिनांक- 21-09-2013  
Gpsahu2.blogspot.com 


मिटा दव गुलामी के निशान ला

।। मिटा दव गुलामी के निशान ला।।

बगावत के खुल्ला मैदान देवत हवँ, देश के नौजवान ला।
उठव उठके मिटा दव, गुलामी के सब  निशान ला।।

अबड़ झेलेन गुलामी ला, अउ अब हमन नइ झेलन जी।
अबड़ खेलेन लहू के होली, अउ अब हमन नइ खेलन जी।
अंग्रेज ला कहव वापस कर दय, हमर सब खान सामान ला।
उठव उठके मिटा दव, गुलामी के सब निशान ला।।

फुल के पलंग ला छोड़ के, चले रहिन हे जवाहर लाल।
आँधी मा घलो जलत रिहीस हे, हमर सत्य के मशाल।।
निकाल दे रिहिस हे हमर देश ले, विदेशी हुक्मरान ला।
उठव उठके मिटा दव, गुलामी के सब निशान ला।।

लागत रिहीस हे मुश्किल हावय, अंग्रेज मन ला इहाँ ले भगाना।
फेर लड़े रिहीन हे बड़े जोर ले, शेखर भगत सिंह कस दीवाना।।
पन्द्रह अगस्त सन् सैतालिस मा इहाँ ले, भगाइन हे उन शैतान ला।
उठव उठके मिटा दव, गुलामी के सब निशान ला।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग , जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 16-08-2009
Gpsahu2.blogspot.com 

Monday, August 17, 2026

ये कइसन कलजुग आगे ग।

।।ये कइसन कलजुग आगे गा।।

रोज होवत हे चोरी डकैती, रोज होवत लूटमार हे।
माँ बहिनी के इज्जत नइहे, आज बढ़गे अत्याचार हे।।
बईमानी के जग मा बसेरा होगे, ईमानदारी हर आज गँवागे गा।
ये कइसन कलजुग आगे संगी, ये कइसन कलजुग आगे गा।।

आज दुनिया मा आतंक बाढ़गे, अउ बाढ़गे मानुष के दुराचार।
जंगल मन ला काटत हे मनखे, जानवर के करत हे शिकार।।
जंगल घलो मा देखव गा संगी,  अब शहरीकरण समागे गा।
ये कइसन कलजुग आगे संगी, ये कइसन कलजुग आगे गा।।

दिनो दिन बाढ़त ईंधन के दाम,अउ बाढ़त हे रोज मँहगाई।
घर घर होवत महाभारत अउ, रोज लड़त हे भाई भाई।।
बड़े परिवार हा सपना होगे, सब अपन अपन छरियागे गा।
ये कइसन कलजुग आगे संगी, ये कइसन कलजुग आगे गा।।

करमा ददरिया ला भुलागे संगी, गावंय सब डिस्को गाना।
रोज मुन्नी बदनाम होवत हे, दुनिया के नइहे गा ठिकाना।।
पश्चिम के चक्कर मा लोगन, रामायण गीता ला भुलागे गा।
ये कइसन कलजुग आगे संगी, ये कइसन कलजुग आगे गा।।

धोती कुरता ला भुलागे, सब पहिनत हे जींस कार्गो। देशी संस्कृति सबो भुलागे, कहत येला टार गो।
टुरी उतारे टुरा के फैशन, हिप्पी कटिंग कटागे गा।
ये कइसन कलजुग आगे संगी, ये कइसन कलजुग आगे गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़ 
मोबा.-9977213968,9977313968
Gpsahu2.blogspot.com 
दिनाँक - 28-03-2012

Wednesday, July 29, 2026

हमर समोदा गाँव गा

।। हमर समोदा गाँव गा।।

महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।
इही हमर हे छइयाँ भुइयाँ, येकर माटी माथ नवाव गा।।

इहाँ हे मंदिर महादेव के, अउ शीतला महामाया हे।
हरियर हरियर रूखराई अउ, बर पीपर के छाँया हे।।
नदिया तीर मा लगे नर्सरी, जिहाँ बइठ सबो सुरताव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे ,हमर समोदा गाँव गा।।

इहाँ नदिया मा बाँध बने हे, पार मा मंदिर माँ कर्मा के।
हर बुधवार के बाजार भराथे, सकलाथे लोगन सब धर्मा के।।
रिकिम रिकिम के जिनिस मिले जी, छाँट निमार बिसाव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।।

इहें हमन जनम धरे हन, अउ इहें हमर ठिकाना हे।
इही माटी के सेवा बजावत, इहें मर के तोपाना हे।।
येकर माटी चंदन मान के, माथा तिलक लगाव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 26-03-2012
Gpsahu2.blogspot.com 

सुरता हमर पुरखा के

।। सुरता हमर पुरखा के।।

आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।
जिन ला हमन देखे नइ हन, ओ गुजरे पुरखा के।।

कहाँ रिहीन अउ कइसे दिखय, एला तो हन नइ जानन।
दाई ददा ले सुने रहेन अउ, जेन ला हम पितर मानन।।
उँखर खादी कपड़ा जइसे, धोती बंगाली कुरता के।
आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।।

सुने रहेन के हमर पुरखा, रिहीन हे बड़ स्वाभिमानी। 
भगत तिलक राजगुरु अउ, लक्ष्मीबाई जइसन सेनानी।।
देश बर येमन जान लुटादिन, भगाये बर गोरखा के। आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।।

ये मन ला संगी हम सबो, चलो अब अपन ईश्वर मानन।
इही मन नवा जिनगी दिये हे, इँखर बलिदान ला पहिचानन।।
हमन सबो जी डण्डा हरन, एके ठन गा चरखा के।
आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 25-03-2012

प्रदूषण नोहय महाकाल ये

।। प्रदूषण नोहय महाकाल ये।।

जल दूषित हवा प्रदूषित, प्रदूषण के ये कमाल हे।
माटी दूषित खेत प्रदूषित, ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे।। 

मनखे काटत हे रूखराई ला, अउ दोहन करत हे खनिज के।
जगा- जगा मा कचरा करत हे, नइहे सुरता थोरको तमिज के।।
हवा घलो मा धुआँ घुले हे, बाढ़त कार्बन हा बिकराल हे।
ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे, ये प्रदूषण.......

पानी हा पिये के लायक नइहे, ना माटी हा अब साधारण हे।
आनी बानी के होवत हे बीमारी, सबो हा इकरे कारण हे।।
प्रदूषण के कोरा मा समाये, का गंगा अउ का बंगाल हे।
ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे, ये प्रदूषण.......

कारखाना हा जहर उगले, झिल्ली प्लास्टिक भरमार।
गुटखा माखुर खाके मनखे, थूकें सड़क दीवार मा खखार।।
नदिया नरवा घुरूवा मा पटाये, कचरा डिस्पोजल के जाल हे।
ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे,ये प्रदूषण.......

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 25-03-2010

हमर देश के अइसन हाल हे

।। हमर देश के अइसन हाल हे।।

आलसी मन सब मालामाल अउ, महिनती मन कंगाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर...........

देश मा रोजदिन बाढ़त हे, बेकारी अउ मंहगाई।
नेता मन सब ऐश करत हे, जनता के होगे करलाई।।
भुखमरी अकाल के गोद समाये, का छत्तीसगढ़ का बंगाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर..........

सीमा मा रोजे हमला होवत हे, बढ़गे आतंक आज हे।
देश के कोनो ला चिंता नइहे, आतंकी मन करत अब राज हे।
रामायण गीता के पढ़इया नइ हे, मनखे के बदलत चाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर देश के.......

जींस कार्गो के फैशन छाये, धोती अउ बंगाली नँदावत हे।
करमा ददरिया के पुछइया नइ हे, डिस्को संगीत हा छावत हे।।
टूरा टूरी मा चिनहारी नइ हे, सबो के एकेच बाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर देश के अइसन हाल हे।।

रचना:- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर छत्तीसगढ
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 21-05-2010
Gpsahu2.blogspot.com  

बाढ़त हे मँहगाई

।। बाढ़त हे मँहगाई।।

दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे,दुनिया मा गा मँहगाई।
मनखे मनके हाल बिगड़गे, होगे निच्चट करलाई।।

पेट भरे मजदूर किसान, दिन-रात मजदूरी करथे।
फेर बाढ़त मँहगाई सेती, उँखर आधा पेट बस भरथे।।
लइका किलिल कालल करथे, होवत हे गा दुखदाई।
दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे, दुनिया मा गा मँहगाई।।

एक तो बेकारी के समस्या, ऊपर ले ये मँहगाई हे।
रईस ला तो फरक नइ परे, फेर गरीब के गा करलाई हे।।
जम्मो जिनिस हा महंगा हो गे, का दार अउ का राई।
दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे, दुनिया मा गा मँहगाई।।

जिनिस के दाम हा अइसे बाढ़थे, मानो के ये मीटर हे।
सबो जगा भुखमरी फइले हे, का बाहिर अउ का भीतर हे।।
जनता घुना कस पिसात हे, करही कइसे गा भरपाई।
दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे, दुनिया मा गा मँहगाई।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 21-01-2009
Gpsahu2.blogspot.com 

सबले बढ़के दुनिया मा गा

।। सबले बढ़के दुनिया मा गा।।

जावव चाहे मथुरा कांशी, अउ तिरथ करलव हजार।
धक्का मिलही, झगड़ा मिलही, अउ मिलही गा फटकार।।
भटकत फिरत तैं झन रह, येला करले गा स्वीकार तैं। 
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

कोख ले अपन जनम दिस हमन ला, लाख-लाख पीड़ा ला सहिके।
रिकिम-रिकिम के खाना खवाइस, अपन मन हर  भूखन रहिके।।
दाई-ददा हा चारो धाम अउ, इही मन जिनगी के आधार हे। 
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

पालन करिन पोषन करिन, बचाके भूख अउ प्यास ले।
जम्मो दुख ले दुरिहा राखिन, करकट घाम चम्मास ले।।
अइसन ईश्वर के जे सेवा नइ करिन, ओकर जीना हर बेकार हे।
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

पढ़ा लिखा के हमन ला येमन, जग मा खड़ा कराये हे।
जाँगर तोड़ महिनत ला करके, काबिल हमन ला बनाये हे।।
दुसरिया अउ येमन नइ मिलय, इँखर चरण मा सब संसार हे।
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक-: 10-11-2008
Gpsahu2.blogspot.com 


झन काटव गा रूखराई ला

।। झन काटव गा रूखराई ला।।

चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।
जंगल झाड़ी मेड़ पार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

ये प्रदूषण कम करथे अउ, देथे सुग्घर प्राण वायु ला।
कार्बन घलो नइ बाढ़न दय अउ, नइ बदलन देवय जलवायु ला।।
इकरे ले तो जिनगानी हावय, झिन घटन दव सुघराई ला।
चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

पेड़ सबो ला छइँहा देथे, अपन लोग लइका के जइसन। 
फेर ओला हम काट के संगी, अन्याय करथन गा कइसन।।
पेड़ लगावव बने जतन करके, सुग्घर महकन दव अमराई ला।
चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

ये किसान के हरे सँगवारी, खेती बर पानी गिरइया हे।
घाम प्यास ले दूर रखइया, दुख पीड़ा के हरइया हे।।
इँखर बिना तो काहीं नइहे, बचालव जीवनदायी ला।
चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना - आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 09-10-2008
Gpsahu2.blogspot.com 

Tuesday, July 28, 2026

गणेश अउ मुसवा के पीड़ा

।।गणेश अउ मुसवा के पीड़ा।।

गणेश हा कहिथे सुन तो गा मुसवा, हमर तिहार हा फेर आवत हे।
ग्यारह दिन ले फेर बैठे ला परही, येला सोंच मोर माथा पिरावत हे।।1

मुसवा हा कहिथे सिरतोन कहिथस गा प्रभू, ना जाने हमन ला फेर कती-कती बैठाही।
नाली घुरूवा तीर पउर कस बैठा दिही ता, फेर तहाँन मरत ले बस्साही।।2

कउनो बैठाही हमन ला बीच रसता ला छेक, कउनो बैठाही घुरूवा के पार मा। 
कउनो बैठाही हमन ला नाली के बाजू ता, कउनो हर नरवा कछार मा।।3

कउनो बनाही तोला सुपरमैन, शक्तिमान ता, कउनो छोटा भीम बनाही।
कउनो मिक्की माऊस के जइसन तोला, आनी बानी के चोला ओढ़हाही।।4

नाम ले हमर समिति के परची बनाके, गली-गली चंदा मांगे बर जाहीं।
बैठा हमन ला मंद पी गुटखा खाही, अउ कानफोड़ू डीजे ला बजाहीं।।5

नाम के हमर आड़ लेके गा प्रभू, येमन अतलंग भारी गा करथे।
ग्यारह दिन ले गोल्लर कस बनके, बड़ उदाली मारत रहिथें।।6

पहिली हमन ला एकेठन जगा मा बैठारँय, गाँव भरके मन जुरियाके गा।
आजकल मन तो जगा-जगा बैठारथे, सबके मति हर छरियागे गा।।7

रचना:- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना - आरंग, जिला- रायपुर छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 01-09-2016
Gpsahu2.blogspot.com 



ये धरती हिन्दुस्तान के

।। ये धरती हिन्दुस्तान के।।

ये धरती हिन्दुस्तान के, ना तोरे हे ना मोरे हे।
ये बेटी हर किसान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

खेत मा येकर उगे सच्चाई, मया भराये खलिहान मा।
बैरी ले घबरावय नही थोरूक, दीया जलथे तुफान मा।।
एक संग इहाँ कदम मिलथे, हिन्दू अउ मुसलमान के। 
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

देथे इहाँ आवाज हिमालय, जननी तुहिंला बुलाथे।
बदल गेहे इतिहास समय के, तकदीर बदलत जाथे।।
पूजे करव वतन के माटी, मूरत हे भगवान के।
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

माटी मा येकर सोना उपजे, सोन चिरैय्या कहाथे।
हरियर-हरियर रूखराई हे, कोयली ददरिया गाथे।।
गला मा हावय तुलसी के माला, बोली हे रसखान के। 
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

जनम धरिन हे ये भुइयाँ मा, कतको झन बीर बलिदानी। 
बीर भगत, शिवाजी, सुभाष, लक्ष्मीबाई झाँसी की रानी।।
सीमा मा करत रखवाली सेना, येकर मान सम्मान के। 
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 07-07-2007
Gpsahu2.blogspot.com 

तिरंगा ला फहराबो गा

।। तिरंगा ला फहराबो गा।।

पन्द्रह अगस्त के परब ला संगी, चलो जुरमिल सबो मनाबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर,चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

बैपार करे बर आईन अंग्रेज, पहिली हाथ मा धरके झोरा।
लूट-लूट के पाछू तहाँ ले,ओ मन भर लेगिन बोरा-बोरा।।
मउका अइसन अउ झिन आवय, तेखर सुरता ला हमन गाबो गा। 
तीन रंग के हे  झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

देश ला आजाद कराये बर पुरखा, कतको गोली खाइन छाती मा।
नव जवान अउ लइका सियान, कतको हाँसत झुलगे फाँसी मा।।
देश बर शहीद वीर सपूत के, सुरता ला सब गोहराबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

असहयोग अउ भारत छोड़ो,  जब आंदोलन चलिस स्वदेशी। 
तब आखिर मा राज छोड़ के, भागिन हे ओ परदेशी।।
आज एकता के पाठ ला भइया, चलो सबो ला पढ़ाबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

अब राजा मन के राज छूटगे, चलदिन हे मालगुजारी जी।
हाथ हलावत अंग्रेज हा रहगिन, बिन लोटा बिन थारी जी।।
परजातंत्र के मन्तर ला संगी,  चारो डाहर बगराबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 03-06-2007

हमर हिन्दुस्तान मा जी

।।हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

रसता मा आवय बिघन कतको, चाहे लहू कतको बहाना परे।
देश के रक्षा करत खातिर, चाहे परान घलो गँवाना परे।।
रक्षा देश के सब करत रहिहू, आजादी मिले हे कतको बलिदान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन देहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

अंग्रेज इहाँ के धरती मा, अड़बड अत्याचार करिन।
इहाँ के हीरा मोती ला, सागर के ओ पार करिन।।
मउका अइसन अउ झिन आवय, तेकर सुरता रहे हर जुबान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन दिहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

मुड़ मा बाँध ले कफन ला तै, छाती मा तूफान ला भर दे।
शेर बन के दहाड़ सीमा मा, बैरी मन ला ढेर कर दे।।
कमती झिन तुम होवन दिहा, भारत के सम्मान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन दिहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

धान के हरे कटोरा येहर, सोन के चिड़िया कहाथे।
खोपा येकर हिमालय पर्वत,  सागर मा पइयाँ धोवाथे।।
येकर भुइयाँ मा जेन नजर गड़ाही, पहूंच
 दव ओला शमशान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन दिहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 24-07-2004

जेती देखबे तेती संगी

।। जेती देखबे तेती संगी।।

जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे। 
निर्दोष धंधाये जेल मा, अउ अत्याचारी आजाद हे।।

जगा-जगा मा गुटखा बिकत हे, अउ खुलगे हे मयख़ाना।
लइका सियान सबो खावत हे, बिमल सितार खजाना।।
इही नशा के लत मा संगी, होवत सब बर्बाद हे।
जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे।।

देश के हालत हा बिगड़गे, राजनीति के खेल मा।
कानून हा अब खिलवाड़ होगे, दम नइ रहिगे जेल मा।।
जगा-जगा आतंक फैले हे, घर-घर मा होवत विवाद हे।
जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे।।

अबला मन के होवत हे शोषण, दुराचारी मन ताकत हे।
ये कलयुगी रावण के मारे, लइका घलो नइ बाँचत हे।
अपने बीवी लइका ला बेंच, मदिरा के लेवत स्वाद हे।
जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 10-06-2006
Gpsahu2.blogspot.com 

हमर हिन्दुस्तान मा जी

।।हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

नेता मन ला अइसे रंग दव, आवय झन पहिचान मा गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे, हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

ये मन वोट के राजनीति मा, हम ला करथें रोज हलाल।
इँखर बाहिर ले भीतर तक, भर दव सँगी रंग गुलाल।।
इँखर नाक कान कटवा दव, भीड़ भरे मैदान मा गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे,  हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

मंदिर मस्जिद के झगड़ा अउ, खून के नदिया देश मा।
इँखरे सब करनी हरय जी, अलग-अलग धरे भेष मा।।
ये  वोट के भिखारी नेता, उरत फिरथे आसमान मा गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे, हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

येमन बापु के भुइयाँ मा, दारू के नदिया बहाथें।
रोज खेलथे होली अउ संगी, हर रात देवारी मनाथे।
अतका अत्याचार करत हे, नेता रूपी शैतान मन गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे, हमर हिन्दुस्तान मा गा। ।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 25-08-2006
Gpsahu2.blogspot.com 

पहिली बंदव मै गणपति देवा ला

।।पहिली बंदव मै गणपति देवा ला ।।

पहिली बंदव मै गणपति देवा ला, दूजे माँ सरस्वती ज्ञान के देवइया ला। 2

महिमा तोर अपार हवै गा, चार भुजा धारी। 
सबले पहिली तोला सुमरथे दुनिया के नर नारी।।
लडुवन के तोला भोग लगे गा,अउ मुसवा हे सवारी।
सबके आस ला पूरा कर दस, आथे जेन दूआरी।।
हमुमन करत हावन तोरेच सेवा ला।
दुजे माँ सरस्वती ज्ञान के देवइया ला।।1

आये हावन तोर दुवारी, हाथ ला पसार के।
पुजा के दीप जलाये हावन, आरती तोर उतार के।।
सेवा तोर बजावत हावन, हम ला तै हर तार दे।
ग्यान के जोत जला ओ मइया, हमर ओ तै शारदे।।
जीयत भर करत रहिबो, हमन तोर सेवा ला।
दुजे माँ सरस्वती ज्ञान के देवइया ला।।2

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
Gpsahu2.blogspot.com 
दिनांक- 05-04-2012