Tuesday, July 28, 2026

गणेश अउ मुसवा के पीड़ा

।।गणेश अउ मुसवा के पीड़ा।।

गणेश हा कहिथे सुन तो गा मुसवा, हमर तिहार हा फेर आवत हे।
ग्यारह दिन ले फेर बैठे ला परही, येला सोंच मोर माथा पिरावत हे।।1

मुसवा हा कहिथे सिरतोन कहिथस गा प्रभू, ना जाने हमन ला फेर कती-कती बैठाही।
नाली घुरूवा तीर पउर कस बैठा दिही ता, फेर तहाँन मरत ले बस्साही।।2

कउनो बैठाही हमन ला बीच रसता ला छेक, कउनो बैठाही घुरूवा के पार मा। 
कउनो बैठाही हमन ला नाली के बाजू ता, कउनो हर नरवा कछार मा।।3

कउनो बनाही तोला सुपरमैन, शक्तिमान ता, कउनो छोटा भीम बनाही।
कउनो मिक्की माऊस के जइसन तोला, आनी बानी के चोला ओढ़हाही।।4

नाम ले हमर समिति के परची बनाके, गली-गली चंदा मांगे बर जाहीं।
बैठा हमन ला मंद पी गुटखा खाही, अउ कानफोड़ू डीजे ला बजाहीं।।5

नाम के हमर आड़ लेके गा प्रभू, येमन अतलंग भारी गा करथे।
ग्यारह दिन ले गोल्लर कस बनके, बड़ उदाली मारत रहिथें।।6

पहिली हमन ला एकेठन जगा मा बैठारँय, गाँव भरके मन जुरियाके गा।
आजकल मन तो जगा-जगा बैठारथे, सबके मति हर छरियागे गा।।7

रचना:- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना - आरंग, जिला- रायपुर छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 01-09-2016
Gpsahu2.blogspot.com 



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