Tuesday, August 18, 2026

अइसन मोर संगी हे

।।अइसन मोर संगी हे।।

होंठ हे जेकर लाल-लाल अउ, गुलाबी जेकर गा गाल हे।
मटक-मटक के चलथे गोरी, हंसिनी जइसन गा चाल हे।।
देख ओला मोर मन मोहा जाथे, चाल ओकर गा मतंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

हरियर पिंवरा सलवार दुपट्टा, बैगनी ओकर गा चोली हे।
नीला ओकर हे आँख नशीली, मंदरस जइसे गा बोली हे।।
सबले हिलमिल रहिथे गोरी, मन हा ओकर गा पतंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

जामुनी रंग के फीता गाथे, रेशम जइसन हे ओकर चुंदी गा।
होंठ ले ओकर रस लेवत हावे, भँवरा अउ फफूंदी हे गा।।
फुलवारी कस काया महके, जान लेवत होंठ मुँहरंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

नागिन जइसे बेनी झूले, भौंह लागे तलवार गा।
सावन जइसन भरे जवानी, देह हवय कचनार गा।।
बोली सुनके कान मा लागे, बाजत जइसे सारंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा,  जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 21-12-2010
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