चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।
धरती दाई के कोरा ला, रूखराई ले सजाबो।।
पेड़ लगाये के अबड़ हे फायदा, नइ हे थोरूक नुकसानी।
चिरई चिरगुन ला बसेरा मिलही, चलही सुग्घर जिनगानी।।
फर फूल अउ लकड़ी दीदी, इकरे ले ही हम पाबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।
पेड़ काटे ले गरमी बाढ़ ही, हो जाही वो करलाई।
दिनो दिन जंगल घटट हावय, कटट हे बड़ रूखराई।।
हमर घटट जंगल ला दीदी, चलव हम सब बचाबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।
चलव जाबो पेड़ लगाबो, महकाबो अमराई ला।
आज सबो ये किरिया खावव, नइ काटन ओ रूखराई ला।।
इकरे ले तो जिनगानी हे, एला सबो सहराबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।
रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 13-07-2015
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