हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।
करे नइ सकन आसो जादा सेवा, एक लाड़ू मा मन मढ़ा लेबे।।
सोचे रेहेन आसो तोर तिहार ला, धूमधाम ले सबो मनाबो।
हलवा पुड़ी अउ पेड़ा मिठाई, लाड़ू के भोग लगाबो।।
आसो हमर घर काँही नइ हे, जेन चढ़ाबो ओला तै खा लेबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।
घर मा छाये हे गरीबी अउ, फसल मा सुक्खा के मार हे।
का- का आस लगाये रेहेन, फेर ये सबो हर बेकार हे।।
पधारे हस तैं हमर घर मा, अपन मुसवा घलो ला बला लेबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।
कहिथे तोला रिद्धि सिद्धि के दाता,दुख पीड़ा के हरइया गा।
विघ्नहर्ता अउ पालन कर्ता, सबके भाग जगइया गा।
हमु आये हन तोर शरण मा, हमरो भाग तै बना देबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।
रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 12-09-2015
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