Wednesday, July 29, 2026

हमर समोदा गाँव गा

।। हमर समोदा गाँव गा।।

महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।
इही हमर हे छइयाँ भुइयाँ, येकर माटी माथ नवाव गा।।

इहाँ हे मंदिर महादेव के, अउ शीतला महामाया हे।
हरियर हरियर रूखराई अउ, बर पीपर के छाँया हे।।
नदिया तीर मा लगे नर्सरी, जिहाँ बइठ सबो सुरताव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे ,हमर समोदा गाँव गा।।

इहाँ नदिया मा बाँध बने हे, पार मा मंदिर माँ कर्मा के।
हर बुधवार के बाजार भराथे, सकलाथे लोगन सब धर्मा के।।
रिकिम रिकिम के जिनिस मिले जी, छाँट निमार बिसाव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।।

इहें हमन जनम धरे हन, अउ इहें हमर ठिकाना हे।
इही माटी के सेवा बजावत, इहें मर के तोपाना हे।।
येकर माटी चंदन मान के, माथा तिलक लगाव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 26-03-2012
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सुरता हमर पुरखा के

।। सुरता हमर पुरखा के।।

आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।
जिन ला हमन देखे नइ हन, ओ गुजरे पुरखा के।।

कहाँ रिहीन अउ कइसे दिखय, एला तो हन नइ जानन।
दाई ददा ले सुने रहेन अउ, जेन ला हम पितर मानन।।
उँखर खादी कपड़ा जइसे, धोती बंगाली कुरता के।
आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।।

सुने रहेन के हमर पुरखा, रिहीन हे बड़ स्वाभिमानी। 
भगत तिलक राजगुरु अउ, लक्ष्मीबाई जइसन सेनानी।।
देश बर येमन जान लुटादिन, भगाये बर गोरखा के। आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।।

ये मन ला संगी हम सबो, चलो अब अपन ईश्वर मानन।
इही मन नवा जिनगी दिये हे, इँखर बलिदान ला पहिचानन।।
हमन सबो जी डण्डा हरन, एके ठन गा चरखा के।
आवत हावय सुरता मोला, हमर गुजरे पुरखा के।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 25-03-2012

प्रदूषण नोहय महाकाल ये

।। प्रदूषण नोहय महाकाल ये।।

जल दूषित हवा प्रदूषित, प्रदूषण के ये कमाल हे।
माटी दूषित खेत प्रदूषित, ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे।। 

मनखे काटत हे रूखराई ला, अउ दोहन करत हे खनिज के।
जगा- जगा मा कचरा करत हे, नइहे सुरता थोरको तमिज के।।
हवा घलो मा धुआँ घुले हे, बाढ़त कार्बन हा बिकराल हे।
ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे, ये प्रदूषण.......

पानी हा पिये के लायक नइहे, ना माटी हा अब साधारण हे।
आनी बानी के होवत हे बीमारी, सबो हा इकरे कारण हे।।
प्रदूषण के कोरा मा समाये, का गंगा अउ का बंगाल हे।
ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे, ये प्रदूषण.......

कारखाना हा जहर उगले, झिल्ली प्लास्टिक भरमार।
गुटखा माखुर खाके मनखे, थूकें सड़क दीवार मा खखार।।
नदिया नरवा घुरूवा मा पटाये, कचरा डिस्पोजल के जाल हे।
ये प्रदूषण नोहय महाकाल हे,ये प्रदूषण.......

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 25-03-2010

हमर देश के अइसन हाल हे

।। हमर देश के अइसन हाल हे।।

आलसी मन सब मालामाल अउ, महिनती मन कंगाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर...........

देश मा रोजदिन बाढ़त हे, बेकारी अउ मंहगाई।
नेता मन सब ऐश करत हे, जनता के होगे करलाई।।
भुखमरी अकाल के गोद समाये, का छत्तीसगढ़ का बंगाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर..........

सीमा मा रोजे हमला होवत हे, बढ़गे आतंक आज हे।
देश के कोनो ला चिंता नइहे, आतंकी मन करत अब राज हे।
रामायण गीता के पढ़इया नइ हे, मनखे के बदलत चाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर देश के.......

जींस कार्गो के फैशन छाये, धोती अउ बंगाली नँदावत हे।
करमा ददरिया के पुछइया नइ हे, डिस्को संगीत हा छावत हे।।
टूरा टूरी मा चिनहारी नइ हे, सबो के एकेच बाल हे।
हमर देश के अइसन हाल हे, हमर देश के अइसन हाल हे।।

रचना:- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर छत्तीसगढ
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 21-05-2010
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बाढ़त हे मँहगाई

।। बाढ़त हे मँहगाई।।

दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे,दुनिया मा गा मँहगाई।
मनखे मनके हाल बिगड़गे, होगे निच्चट करलाई।।

पेट भरे मजदूर किसान, दिन-रात मजदूरी करथे।
फेर बाढ़त मँहगाई सेती, उँखर आधा पेट बस भरथे।।
लइका किलिल कालल करथे, होवत हे गा दुखदाई।
दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे, दुनिया मा गा मँहगाई।।

एक तो बेकारी के समस्या, ऊपर ले ये मँहगाई हे।
रईस ला तो फरक नइ परे, फेर गरीब के गा करलाई हे।।
जम्मो जिनिस हा महंगा हो गे, का दार अउ का राई।
दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे, दुनिया मा गा मँहगाई।।

जिनिस के दाम हा अइसे बाढ़थे, मानो के ये मीटर हे।
सबो जगा भुखमरी फइले हे, का बाहिर अउ का भीतर हे।।
जनता घुना कस पिसात हे, करही कइसे गा भरपाई।
दिन-दिन रात-रात बाढ़त हे, दुनिया मा गा मँहगाई।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 21-01-2009
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सबले बढ़के दुनिया मा गा

।। सबले बढ़के दुनिया मा गा।।

जावव चाहे मथुरा कांशी, अउ तिरथ करलव हजार।
धक्का मिलही, झगड़ा मिलही, अउ मिलही गा फटकार।।
भटकत फिरत तैं झन रह, येला करले गा स्वीकार तैं। 
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

कोख ले अपन जनम दिस हमन ला, लाख-लाख पीड़ा ला सहिके।
रिकिम-रिकिम के खाना खवाइस, अपन मन हर  भूखन रहिके।।
दाई-ददा हा चारो धाम अउ, इही मन जिनगी के आधार हे। 
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

पालन करिन पोषन करिन, बचाके भूख अउ प्यास ले।
जम्मो दुख ले दुरिहा राखिन, करकट घाम चम्मास ले।।
अइसन ईश्वर के जे सेवा नइ करिन, ओकर जीना हर बेकार हे।
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

पढ़ा लिखा के हमन ला येमन, जग मा खड़ा कराये हे।
जाँगर तोड़ महिनत ला करके, काबिल हमन ला बनाये हे।।
दुसरिया अउ येमन नइ मिलय, इँखर चरण मा सब संसार हे।
सबले बढ़के दुनिया मा गा, दाई-ददा के प्यार हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक-: 10-11-2008
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झन काटव गा रूखराई ला

।। झन काटव गा रूखराई ला।।

चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।
जंगल झाड़ी मेड़ पार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

ये प्रदूषण कम करथे अउ, देथे सुग्घर प्राण वायु ला।
कार्बन घलो नइ बाढ़न दय अउ, नइ बदलन देवय जलवायु ला।।
इकरे ले तो जिनगानी हावय, झिन घटन दव सुघराई ला।
चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

पेड़ सबो ला छइँहा देथे, अपन लोग लइका के जइसन। 
फेर ओला हम काट के संगी, अन्याय करथन गा कइसन।।
पेड़ लगावव बने जतन करके, सुग्घर महकन दव अमराई ला।
चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

ये किसान के हरे सँगवारी, खेती बर पानी गिरइया हे।
घाम प्यास ले दूर रखइया, दुख पीड़ा के हरइया हे।।
इँखर बिना तो काहीं नइहे, बचालव जीवनदायी ला।
चिरई चिरगुन खेत खार कहत हे, झिन काटव गा रूखराई ला।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना - आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 09-10-2008
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Tuesday, July 28, 2026

गणेश अउ मुसवा के पीड़ा

।।गणेश अउ मुसवा के पीड़ा।।

गणेश हा कहिथे सुन तो गा मुसवा, हमर तिहार हा फेर आवत हे।
ग्यारह दिन ले फेर बैठे ला परही, येला सोंच मोर माथा पिरावत हे।।1

मुसवा हा कहिथे सिरतोन कहिथस गा प्रभू, ना जाने हमन ला फेर कती-कती बैठाही।
नाली घुरूवा तीर पउर कस बैठा दिही ता, फेर तहाँन मरत ले बस्साही।।2

कउनो बैठाही हमन ला बीच रसता ला छेक, कउनो बैठाही घुरूवा के पार मा। 
कउनो बैठाही हमन ला नाली के बाजू ता, कउनो हर नरवा कछार मा।।3

कउनो बनाही तोला सुपरमैन, शक्तिमान ता, कउनो छोटा भीम बनाही।
कउनो मिक्की माऊस के जइसन तोला, आनी बानी के चोला ओढ़हाही।।4

नाम ले हमर समिति के परची बनाके, गली-गली चंदा मांगे बर जाहीं।
बैठा हमन ला मंद पी गुटखा खाही, अउ कानफोड़ू डीजे ला बजाहीं।।5

नाम के हमर आड़ लेके गा प्रभू, येमन अतलंग भारी गा करथे।
ग्यारह दिन ले गोल्लर कस बनके, बड़ उदाली मारत रहिथें।।6

पहिली हमन ला एकेठन जगा मा बैठारँय, गाँव भरके मन जुरियाके गा।
आजकल मन तो जगा-जगा बैठारथे, सबके मति हर छरियागे गा।।7

रचना:- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना - आरंग, जिला- रायपुर छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 01-09-2016
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ये धरती हिन्दुस्तान के

।। ये धरती हिन्दुस्तान के।।

ये धरती हिन्दुस्तान के, ना तोरे हे ना मोरे हे।
ये बेटी हर किसान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

खेत मा येकर उगे सच्चाई, मया भराये खलिहान मा।
बैरी ले घबरावय नही थोरूक, दीया जलथे तुफान मा।।
एक संग इहाँ कदम मिलथे, हिन्दू अउ मुसलमान के। 
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

देथे इहाँ आवाज हिमालय, जननी तुहिंला बुलाथे।
बदल गेहे इतिहास समय के, तकदीर बदलत जाथे।।
पूजे करव वतन के माटी, मूरत हे भगवान के।
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

माटी मा येकर सोना उपजे, सोन चिरैय्या कहाथे।
हरियर-हरियर रूखराई हे, कोयली ददरिया गाथे।।
गला मा हावय तुलसी के माला, बोली हे रसखान के। 
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

जनम धरिन हे ये भुइयाँ मा, कतको झन बीर बलिदानी। 
बीर भगत, शिवाजी, सुभाष, लक्ष्मीबाई झाँसी की रानी।।
सीमा मा करत रखवाली सेना, येकर मान सम्मान के। 
ये धरती हिन्दुस्तान के, ये धरती हिन्दुस्तान के।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 07-07-2007
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तिरंगा ला फहराबो गा

।। तिरंगा ला फहराबो गा।।

पन्द्रह अगस्त के परब ला संगी, चलो जुरमिल सबो मनाबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर,चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

बैपार करे बर आईन अंग्रेज, पहिली हाथ मा धरके झोरा।
लूट-लूट के पाछू तहाँ ले,ओ मन भर लेगिन बोरा-बोरा।।
मउका अइसन अउ झिन आवय, तेखर सुरता ला हमन गाबो गा। 
तीन रंग के हे  झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

देश ला आजाद कराये बर पुरखा, कतको गोली खाइन छाती मा।
नव जवान अउ लइका सियान, कतको हाँसत झुलगे फाँसी मा।।
देश बर शहीद वीर सपूत के, सुरता ला सब गोहराबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

असहयोग अउ भारत छोड़ो,  जब आंदोलन चलिस स्वदेशी। 
तब आखिर मा राज छोड़ के, भागिन हे ओ परदेशी।।
आज एकता के पाठ ला भइया, चलो सबो ला पढ़ाबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

अब राजा मन के राज छूटगे, चलदिन हे मालगुजारी जी।
हाथ हलावत अंग्रेज हा रहगिन, बिन लोटा बिन थारी जी।।
परजातंत्र के मन्तर ला संगी,  चारो डाहर बगराबो गा।
तीन रंग के हे झंडा हमर, चलो तिरंगा ला फहराबो गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 03-06-2007

हमर हिन्दुस्तान मा जी

।।हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

रसता मा आवय बिघन कतको, चाहे लहू कतको बहाना परे।
देश के रक्षा करत खातिर, चाहे परान घलो गँवाना परे।।
रक्षा देश के सब करत रहिहू, आजादी मिले हे कतको बलिदान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन देहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

अंग्रेज इहाँ के धरती मा, अड़बड अत्याचार करिन।
इहाँ के हीरा मोती ला, सागर के ओ पार करिन।।
मउका अइसन अउ झिन आवय, तेकर सुरता रहे हर जुबान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन दिहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

मुड़ मा बाँध ले कफन ला तै, छाती मा तूफान ला भर दे।
शेर बन के दहाड़ सीमा मा, बैरी मन ला ढेर कर दे।।
कमती झिन तुम होवन दिहा, भारत के सम्मान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन दिहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

धान के हरे कटोरा येहर, सोन के चिड़िया कहाथे।
खोपा येकर हिमालय पर्वत,  सागर मा पइयाँ धोवाथे।।
येकर भुइयाँ मा जेन नजर गड़ाही, पहूंच
 दव ओला शमशान मा जी।
बैरी मन ला झिन आवन दिहा, हमर हिन्दुस्तान मा जी।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 24-07-2004

जेती देखबे तेती संगी

।। जेती देखबे तेती संगी।।

जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे। 
निर्दोष धंधाये जेल मा, अउ अत्याचारी आजाद हे।।

जगा-जगा मा गुटखा बिकत हे, अउ खुलगे हे मयख़ाना।
लइका सियान सबो खावत हे, बिमल सितार खजाना।।
इही नशा के लत मा संगी, होवत सब बर्बाद हे।
जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे।।

देश के हालत हा बिगड़गे, राजनीति के खेल मा।
कानून हा अब खिलवाड़ होगे, दम नइ रहिगे जेल मा।।
जगा-जगा आतंक फैले हे, घर-घर मा होवत विवाद हे।
जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे।।

अबला मन के होवत हे शोषण, दुराचारी मन ताकत हे।
ये कलयुगी रावण के मारे, लइका घलो नइ बाँचत हे।
अपने बीवी लइका ला बेंच, मदिरा के लेवत स्वाद हे।
जेती देखबे तेती संगी, लूटमार अउ दंगा-फसाद हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 10-06-2006
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हमर हिन्दुस्तान मा जी

।।हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

नेता मन ला अइसे रंग दव, आवय झन पहिचान मा गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे, हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

ये मन वोट के राजनीति मा, हम ला करथें रोज हलाल।
इँखर बाहिर ले भीतर तक, भर दव सँगी रंग गुलाल।।
इँखर नाक कान कटवा दव, भीड़ भरे मैदान मा गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे,  हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

मंदिर मस्जिद के झगड़ा अउ, खून के नदिया देश मा।
इँखरे सब करनी हरय जी, अलग-अलग धरे भेष मा।।
ये  वोट के भिखारी नेता, उरत फिरथे आसमान मा गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे, हमर हिन्दुस्तान मा गा।।

येमन बापु के भुइयाँ मा, दारू के नदिया बहाथें।
रोज खेलथे होली अउ संगी, हर रात देवारी मनाथे।
अतका अत्याचार करत हे, नेता रूपी शैतान मन गा।
सबो गड़बड़ी इकरे ले हे, हमर हिन्दुस्तान मा गा। ।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़  
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 25-08-2006
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पहिली बंदव मै गणपति देवा ला

।।पहिली बंदव मै गणपति देवा ला ।।

पहिली बंदव मै गणपति देवा ला, दूजे माँ सरस्वती ज्ञान के देवइया ला। 2

महिमा तोर अपार हवै गा, चार भुजा धारी। 
सबले पहिली तोला सुमरथे दुनिया के नर नारी।।
लडुवन के तोला भोग लगे गा,अउ मुसवा हे सवारी।
सबके आस ला पूरा कर दस, आथे जेन दूआरी।।
हमुमन करत हावन तोरेच सेवा ला।
दुजे माँ सरस्वती ज्ञान के देवइया ला।।1

आये हावन तोर दुवारी, हाथ ला पसार के।
पुजा के दीप जलाये हावन, आरती तोर उतार के।।
सेवा तोर बजावत हावन, हम ला तै हर तार दे।
ग्यान के जोत जला ओ मइया, हमर ओ तै शारदे।।
जीयत भर करत रहिबो, हमन तोर सेवा ला।
दुजे माँ सरस्वती ज्ञान के देवइया ला।।2

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़ 
मोबा.- 9977213968,9977313968
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दिनांक- 05-04-2012