महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।
इही हमर हे छइयाँ भुइयाँ, येकर माटी माथ नवाव गा।।
इहाँ हे मंदिर महादेव के, अउ शीतला महामाया हे।
हरियर हरियर रूखराई अउ, बर पीपर के छाँया हे।।
नदिया तीर मा लगे नर्सरी, जिहाँ बइठ सबो सुरताव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे ,हमर समोदा गाँव गा।।
इहाँ नदिया मा बाँध बने हे, पार मा मंदिर माँ कर्मा के।
हर बुधवार के बाजार भराथे, सकलाथे लोगन सब धर्मा के।।
रिकिम रिकिम के जिनिस मिले जी, छाँट निमार बिसाव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।।
इहें हमन जनम धरे हन, अउ इहें हमर ठिकाना हे।
इही माटी के सेवा बजावत, इहें मर के तोपाना हे।।
येकर माटी चंदन मान के, माथा तिलक लगाव गा।
महानदी के तीर मा बसे हे, हमर समोदा गाँव गा।।
रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 26-03-2012
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