Tuesday, August 18, 2026

भुइयाँ के लाल किसनहा

।। भुइयाँ के लाल किसनहा ला।।

भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।
कहलाथे गा जेन हर संगी, भुइयाँ के भगवान हे।।

जाँगर तोड़ महिनत ला करके,जेन हर अन्न उपजाथे।
खून पसीना ला एक करके, भुइयाँ के सेवा बजाथे।।
घाम प्यास चम्मास सबो हर, जेकर बर एक समान हे।
भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।।

भेदभाव काँही नइ जानय, ना ऊँच-नीच के बानी हे।
उँखर बर तो जींयत मरत ले, करना खेती किसानी हे।।
तन ला जलावत करथे महिनत, चाहे भोंमरा या बरसत आसमान हे।
भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।।

खेती इँखर बर मथुरा काँशी, चारो धाम करना किसानी हे।
धरती दाई के सेवा बजाना, इँखर राम कहानी हे।।
महिनत इँखर रग-रग मा बसे, लहू मा भरे ईमान हे।
भुइयाँ के लाल किसनहा ला, मोर बारम्बार प्रणाम हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 27-05-2016
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आसो अतेक गरमी जनात हे

।। आसो अतेक गरमी जनात हे।।

भुइयाँ मा चटचट भोंमरा जरथे, हवा मा तन उसनात हे।
घर ले निकलना दूभर होगे,  आसो अतेक गरमी जनात हे।।

पारा हर चालीस ले पचास चढ़गे, सुरुज हा आगी उगलत हे।
तन ले पसीना के धार बहाये, लागथे तन हा पिघलत हे।।
हाथ पाँव अंगरा कस जरथे, टोंटा घलो हर सुखात हे।
आसो अतेक गरमी जनात हे............2।।

तरिया अटागे नदिया सुखागे, बोरिंग घलो हा अब तरपत हे।
बुंद भर पानी बर तरसे ला होगे, घाम हा अतेक करकट हे।।
जीव जन्तु सब प्यासा मरत हे, सुरुज देवता अतेक जलात हे।
आसो अतेक गरमी जनात हे........2

गरमी ले जंगल मा आगी लगत हे, खेत दनगार मारत हे।
घर मा रहना मुश्किल होगे, उमस हा तरपा डारत हे।।
पसीना ले तन तरबतर होगे, अइसे लागे तन उफनात हे।
आसो अतेक गरमी जनात हे..........2

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ
मोबा.- 9977213968,9977313968
दिनांक- 13-05-2016
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अइसन मोर संगी हे

।।अइसन मोर संगी हे।।

होंठ हे जेकर लाल-लाल अउ, गुलाबी जेकर गा गाल हे।
मटक-मटक के चलथे गोरी, हंसिनी जइसन गा चाल हे।।
देख ओला मोर मन मोहा जाथे, चाल ओकर गा मतंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

हरियर पिंवरा सलवार दुपट्टा, बैगनी ओकर गा चोली हे।
नीला ओकर हे आँख नशीली, मंदरस जइसे गा बोली हे।।
सबले हिलमिल रहिथे गोरी, मन हा ओकर गा पतंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

जामुनी रंग के फीता गाथे, रेशम जइसन हे ओकर चुंदी गा।
होंठ ले ओकर रस लेवत हावे, भँवरा अउ फफूंदी हे गा।।
फुलवारी कस काया महके, जान लेवत होंठ मुँहरंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा, जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

नागिन जइसे बेनी झूले, भौंह लागे तलवार गा।
सावन जइसन भरे जवानी, देह हवय कचनार गा।।
बोली सुनके कान मा लागे, बाजत जइसे सारंगी हे।
अइसन मोर संगी हे गा,  जइसे सात रंग के सतरंगी हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 21-12-2010
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दाई-ददा हे सरग के दुआरी

।। दाई-ददा हे सरग के दुवारी।।

सुरता लव इँखर मया के छाँव मा, मन मा मूरत ला भरलव गा।
दाई-ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

जनम देइन हमन ला अपन, नौ महिना कोख मा राख के।
अंगुरी धरके रेंगना सिखाईन, हमर नखरा सहिन उन लाख हे।।
रोज उठ के बड़े बिहनिया, पइयाँ इँखर सब परलव गा।
दाई-ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

खाना खवाइन हमन ला येमन, अपन मन भूखन रहिके।
पढ़ा लिखा के काबिल बनाइन, कतको दुख पीड़ा सहिके।।
हमर ऊपर हे इँखर दूध के करजा, सुरता ओकर करलव गा।
दाई-ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

जम्मो दुख ला सहिन हमर, अपन पीड़ा येमन मान के।
घाम प्यास ले बचा के राखिन, अपन करेजा टुकड़ा जान के।।
इँखर सेवा हे सरग निसेनी, सेवा ला करके सब चढ़लव गा।
दाई ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब  करलव गा।।

छाती ले लगाके राखिन हमन ला, देइन मया अउ दुलार हे।
बिना इँखर हमर जिनगी के कल्पना, करना घलो बेकार हे।।
दाई ददा के चरण के धुर्रा, माथा मा अपन सब मढ़लव गा।
दाई ददा हे सरग के दुवारी, सेवा ला इँखर सब करलव गा।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 05-10-2015
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आसो रूखी सुखी चला लेबे

।। आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।
करे नइ सकन आसो जादा सेवा, एक लाड़ू मा मन मढ़ा लेबे।।

सोचे रेहेन आसो तोर तिहार ला, धूमधाम  ले सबो मनाबो।
हलवा पुड़ी अउ पेड़ा मिठाई, लाड़ू के भोग लगाबो।।
आसो हमर घर काँही नइ हे, जेन चढ़ाबो ओला तै खा लेबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

घर मा छाये हे गरीबी अउ, फसल मा सुक्खा के मार हे।
का- का आस लगाये रेहेन, फेर ये सबो हर बेकार हे।।
पधारे हस तैं हमर घर मा, अपन मुसवा घलो ला बला लेबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

कहिथे तोला रिद्धि सिद्धि के दाता,दुख पीड़ा के हरइया गा।
विघ्नहर्ता अउ पालन कर्ता, सबके भाग जगइया गा।
हमु आये हन तोर शरण मा, हमरो भाग तै बना देबे।
हे लम्बोदर गणपति देवा, आसो रूखी सुखी चला लेबे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू, समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबा.- 9977213968, 9977313968
दिनांक- 12-09-2015
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जुरमिल पेड़ लगाबो

।। जुरमिल पेड़ लगाबो।।

चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।
धरती दाई के कोरा ला, रूखराई ले सजाबो।।

पेड़ लगाये के अबड़ हे फायदा, नइ हे थोरूक नुकसानी।
चिरई चिरगुन ला बसेरा मिलही, चलही सुग्घर जिनगानी।।
फर फूल अउ लकड़ी दीदी, इकरे ले ही हम पाबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।

पेड़ काटे ले गरमी बाढ़ ही, हो जाही वो करलाई।
दिनो दिन जंगल घटट हावय, कटट हे बड़ रूखराई।।
हमर घटट जंगल ला दीदी,  चलव हम सब बचाबो।
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।

चलव जाबो पेड़ लगाबो, महकाबो अमराई ला।
आज सबो ये किरिया खावव, नइ काटन ओ रूखराई ला।।
इकरे ले तो जिनगानी हे, एला सबो सहराबो। 
चलव संगी चलव दीदी, जुरमिल पेड़ लगाबो।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर, छत्तीसगढ़  
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 13-07-2015
Gpsahu2.blogspot.com 

तभो ले पानी नइ बरसत हे

।। तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।
खेती खार हा सुक्खा पड़गे, चिरई चिरगुन सब तरसत हे।।

पानी के आस मा बइठे किसनहा, ये बादर बैरी बिजरावत हे।
नदिया नरवा सब सुक्खा परगे, अउ तरिया घलो सुखावत हे।।
उमड़ घुमड़ के आथे बादर, अउ बिजरी घलो हा करकट हे।
आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

मुड़ धरके किसनहा बइठे, फसल सबो सुक्खा अइठे।
गरमी कस घाम करत हे, भुइयाँ घलो हा भोंमरा जरथे।।
अकाल झन पड़ जाये आसो, सबो किसान के हिरदे धड़कत हे।
आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

पानी बिना जइसे मछरी तड़पे, वइसने माटी घलो तड़पत आज हे।
ये नकटा बादर बैरी ला, नइ आवत थोरूक भी लाज हे।।
राम जाने अब का होही, मोर आँखी घलो अब फड़कत हे।
आषाढ़ बुलकगे सावन आगे, तभो ले पानी नइ बरसत हे।।

रचना- गुमान प्रसाद साहू ,समोदा (महानदी)
थाना- आरंग, जिला- रायपुर ,छत्तीसगढ़
मोबा.-9977213968,9977313968
दिनांक- 02-07-2015
Gpsahu2.blogspot.com