विषय - नोटबंदी
विधा - दोहा म परयास
शिर्षक - नोटबंदी ग देस म
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आधा रात करीस जब,
नोट बंद सरकार।
जमा खोर मन मा घलो,
मचगे हाहाकार।।
नोट बंद सरकार के,
बढ़िया हरय उपाय।
पूरा भ्रष्टाचार हा,
तहें खतम हो जाय।।
नोट बंद के होय ले ,
जमा खोर कउवाय।
का करबो अब नोट के,
समझ घलो नइ पाय।।
करिया धन राखे रिहिन,
घर मा लोग लुकाय।
डर मा सब पकराय के,
नोट नदी बोहाय।।
रखे रिहिन घर मा जतन,
नोटों के अम्बार।
काला धन करके जमा,
भरे रिहिन भंडार।।
चलत नोटबंदी हवै,
सरकारी अभियान।
काला धन जेहर रखे,
होगे ग परेशान।।
बदले खातिर नोट ला,
लोगन खड़े कतार।
बैंक मुहाटी हे लगे,
मनखे के भरमार।।
करय नोटबंदी सबो,
बड़े नोट बेकार।
गुल्लक ले निकलत हवै,
चिल्लर के भरमार।।
रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा(महानदी)
मो. :- 9977313968
जिला-रायपुर छ.ग.
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