Thursday, August 31, 2017

"छोड़बे झिन संगी तै मोर साथ रे"

" छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे"

टूरा-
तहूं हवस दीवानी,महूं हवंव दीवाना।
तोर मोर मया ले,चाहे जले जमाना।
जिनगी भर रहिबो दूनो साथ रे।
छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे।

टूरी-
महूं हवंव दीवानी,तहूं हवस दीवाना।
तोर मोर मया ले,चाहे जले जमाना।
जिनगी भर रहिबो दूनो साथ रे।
छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे।

टूरी -
मोर हिरदे के कुरिया म ग,राखे हंव तुंहिला बसाके।
मन मंदिर के संगी तोला, देवता मै अपन बनाके।
तोरे नाव के टिकुली हे, मोर माथ रे।
छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे।

टूरा-
तोरे मया म रे गोरी, होगे हंव मै तो दीवाना।
घर के न सुध हे मोला,न कांही के हवे ठिकाना।
अन्न पानी अब घलो नइ सुहात रे।
छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे।

टूरी -
चाहे ग हमर मया बर,बैरी दुनिया हो जावय।
इक दूसर बर मया ह राजा,कमती नइ हो पावय।
मया के तै करबे संगी तै बरसात रे।
छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे।

टूरा -
सातों जनम बर ओ रानी,तोला मै अपन बनाहूं।
जिनगी भर सुख अउ दूख में,संगे मै तोर निभाहूं।
लेके मै आहूं, तोर अंगना म बरात रे।
छोड़व नहीं संगी मै तोर हाथ रे।
छोड़बे झिन संगी तै मोर हाथ रे।
छोड़व नहीं संगी मै तोर साथ रे।

रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा(महानदी)
मो. :- 9977213968
जिला-रायपुर छ.ग

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