Thursday, August 31, 2017

" बेटा पीतर ल देवत पानी हे"

umanprasadsahu@gmail.com> wrote:
" बेटा पीतर ल देवत हे पानी"

पीतर पाँख आगे संगी कउंवा नरियावत छानी हे।
उरीद दार,चाऊंर ल चढ़ाके बेटा, पीतर ल देवत पानी हे।

रंधाये हे बरा सोंहारी,कुटूम ल सबो बुलाये हे।
तरोई साग रंधाके बेटा,पीतर ल हूम लगाये हे।
हूम लगाके बरा-सोंहारी,छींचत छत अउ छानी हे।
उरीद दार,चाऊंर ल चढ़ाके बेटा, पीतर ल देवत पानी हे।

जिंयत म नइ पूछे दाई-ददा ल, लोगन कतका अग्यानी हे।
जग ल छोड़ के चलदीन हे त, मरे म रीतोवत पानी हे।
मरे मनखे का बरा खांही,जिंयत म पूजे ओ सुजानी हे।
उरीद दार,चाऊंर ल चढ़ाके बेटा, पीतर ल देवत पानी हे।

जिंयत म ही सब करलव संगी,
दाई-ददा के सेवा ल।
भाग जगालव ओखर मया पाके,अउ पालव अशिष के मेवा ल।
दाई-ददा के जेन सेवा करथे,ओहर ग बड़ भागमानी हे।
उरीद दार,चाऊंर ल चढ़ाके बेटा, पीतर ल देवत पानी हे।

रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा (महानदी)
मो. :- 9977213968
थाना-आरंग,जिला-रायपुर
छत्तीसगढ

Gpsahu2.blogspot.com 

No comments:

Post a Comment