Thursday, August 31, 2017

"भाखा हमर हे छत्तीसगढ़ी "

"भाखा हमर हे छत्तीसगढ़ी"

भाखा हमर हे छत्तीसगढ़ी,
चलो भाषा ऐला बनवाबो ग।
पढ़ई लिखई बोली सबो म,
महतारी भाखा ल अपनाबो ग।

पीड़ा ल हमर समझत नइहे,
छत्तीसगढ़ी महतारी के।
बरसों ले पाये बर तरसत हे,
भाषा म अपन बारी के।
छत्तीसगढ़ी ल चलो हम संगी,
सबो जगा बगराबो ग।
भाखा हमर हे छत्तीसगढ़ी,
चलो भाषा ऐला बनवाबो ग।

सोला बछर होगे राज अलगाये,
तभो ले भाषा नइ कहावत हे।
नेता मन हर भूलागे लगथे ऐला,
तभे छत्तीसगढ़ी म नइ गोठियावत हे।
यहू मन ल घलो ग संगी,
चलो छत्तीसगढ़ी म बोलवाबो ग।
भाखा हमर हे छत्तीसगढ़ी,
चलो भाषा ऐला बनवाबो ग।

अंगरेजी पढ़ पढ़ ईसकूल म लइका,
अंगरेज बनत जावत हे।
दूरिहावत हे अपन संसकिरती ले,
छत्तीसगढ़ी ल भूलावत हे।
ईसकूल कालेज सबो जगा म,
भाखा ल हमर पढ़वाबो ग।
भाखा हमर हे छत्तीसगढ़ी,
चलो भाषा ऐला बनवाबो ग।

रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा ( महानदी )
मो. :- 9977313968

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