Friday, March 31, 2023

रोला छन्द

रोला छन्द:- गुमान प्रसाद साहू 

।।गौरी सुत गणराज।।
गौरी सुत गणराज, अपन किरपा बरसा दे,
बना सबो के काज, हमर मन ला हरसा दे।
तोर शरण मा आज, हमन आये हन देवा,
रखबे देवा लाज, करत रहिबो सब सेवा।।1

गजानन्द गणराज, तोर ले हावय विनती,
अपन भगत मा आज, करा ले हमरो गिनती।
रखबे देवा लाज, आय हन हाथ पसारे,
बना सबो के काज, भगत ला लेबे तारे।।2

पहिली बंदन तोर, करय जग के नर-नारी,
पूरा करथस आस, हवस तँय मंगलकारी।
गौरी सुत गणराज, विघन हारी तँय देवा,
सुनले हमर गुहार, करत रहिबो सम सेवा।।3

बढ़गे हावय पाप, आज गा जग मा भारी,
बढ़गे लूट खसोट, बढ़त हे अतियाचारी।
आजा ले अवतार,नाश तैं सबके करदे,

मिटा झूठ अउ पाप,बोझ भुइयाँ के हरदे।।4

रचना- गुमान प्रसाद साहू समोदा (महानदी), जिला-रायपुर छत्तीसगढ़ 

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