Thursday, September 26, 2019

" तै हावस मयावाली ओ "

" तै हावस मयावाली ओ "


कउनो तोला दूरगा कहिथे, कहिथे कउनो काली ओ।
जगत के तै जननी दाई, हावस मयावाली ओ।

बाढ़िस हावय भूइंयाँ म दाई, जब जब अतियाचारी ओ।
आये तै हर रक्षा करे बर, ले के अवतारी ओ।
पापी ल तै मार गिराये..... मईया तै बिकराली ओ।
जगत के तै जननी दाई, हावस मयावाली ओ।।1।।

कभू तै हर शीतला बने, कभू बने महामाई ओ।
कभू तै हर अम्बे ओ दाई, कभू बने तै बमलाई ओ।
तीनों लोक दाई तूही म समाये.... माता शेरावाली ओ।
जगत के तै जननी दाई, हावस मयावाली ओ।।2।।

आये जे हर तोर शरण म,
लेवत तोर नाम ओ।
छिन भर म बन जाथे ओ दाई,
ओकर सबे काम ओ।
बिगड़ी ल तै सबके बनाये.... दर पे आये जे सवाली ओ।
जगत के तै जननी दाई, हावस मयावाली ओ।।3।।

रचना :- गुमान प्रसाद साहू
ग्राम-समोदा ( महानदी )
मो. :- 9977313968
थाना-आरंग रायपुर छ.ग

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Tuesday, September 24, 2019

काबर भुलाये रे संगवारी

प्रतियोगिता क्रमांक 32 बर मोर रचना
दिन-बुधवार
दिनांक- 25/09/2019
विषय- काबर भुलाये संगवारी
विधा- मुक्त तुकबंदी(गीत)

काबर भुलाये रे संगवारी,तैं हर मया बढ़ा के।
दिये दगा तै बीच रस्ता मा,मया पीरा ल गढ़ा के।

एक दूसर के खायेंन किरिया, संगें हम जीबो मरबो।
भूलै नही जग सात जनम ले,मया हम अइसन करबो।
जला डरे तै विरह ताप मा, तोर मया बुखार चढ़ा के।
काबर भुलाये रे संगवारी, तैं हर मया बढ़ा के। 

तोर खातिर दाई ददा भुलायेंव,सखी सहेली छूट गे।
छोड़ेव समाज ला तोर मया बर,जम्मो नता हा टूट गे।
छोड़ दिये तै बीच डहरा मा, काबर हाथ बढ़ा के।
काबर भुलाये रे संगवारी, तैं हर मया ल गढ़ा के ।।

देबे दगा तै मोला कहिके, मै नइ जानत रहेंव।
अपन सबो तोला दुख पीरा के, संगी मानत रहेंव।
कहाँ गये तैं अपन मया के ,मोला पाठ पढ़ा के। 
काबर भुलाये रे संगवारी, तैं हर मया बढ़ा के। ।

गुमान प्रसाद साहू, ग्राम:- समोदा (महानदी)
जिला:- रायपुर छ.ग. ,  मो- 9977313968

Wednesday, September 11, 2019

"गौ हत्या" एक कलंक



।।"गौ हत्या" एक कलंक।। :- गुमान प्रसाद साहू

           आज हमर समाज बर एकठिन समस्या दिनोंदिन सुनामी जइसन बाढ़त जात हे,अउ वो समस्या हे "गौ हत्या ",गौ माता ला अपन मतलब बर मारना।जेन गौ माता ला हमन महतारी मानथन,आज मनखे अपन सुवारथ अउ माँस बर ओकर हत्या करत हे।चार पइसा के लोभ मा मनखे गाय गरुवा ला कसाई जगा बेंच देथे।कसाई घलो चार पइसा कमाय बर वोला लेके ,वोकर हत्या करके माँस ला निकाल के बेंच देथे। ता सुनव गौ माता के पीरा ला ओकरे जुबानी मा।

           

          "सुनव गुनव ऐ भारत के मनखे, हमर गौ माता के बानी ला।

           थोरुक पइसा बर काबर बेंच देथव,कसाई तीर हम मुकवा प्राणी ला।।"

कसाई मन हा हम गाय गरूवा ला हिंसा के कसाई खाना मा ले जाथे।जिहाँ चार पाँच दिन ले हमन ला बिना चारा पानी के भूखन लाँघन राखथे,ताकि हमर लहू के हीमोग्लोबिन ह हमर माँस मा चिपक जाये।वोकर बाद हमने ला बेरहमी ले मारत पीटथे अउ हमर चमड़ी ला जिंदा खिंचवा देथे।अउ तो अउ हमर मन के ऊपर  डबकत पानी घलो झलकथे,ताकि हमर माँस नरम हो जाय।फेर मार के हमन ला उल्टा लटका देथे।माँस ला बेरहमी ले काट-काट के बाजार मा बेंचे बर ले जाथे।

                     ये मन अतको घलो पइसा सोंचय  के हमरे दूध ला पी के बड़े होय हे। हमरे दूध गोबर अउ पेशाब ले आनी बानी के दवाई अउ कतको प्रकार के उपयोगी जिनीस ला बनाथे। हमन तो इन ला कोसे घलो नई सकन,काबर के हमन तो महतारी हरन अउ ये सबो हमरे लईका आय।

       " जब तक नइ जागहि लोगन, हमर महतारी संग अइसने होही।

        देख के अपने लइका के करम ला, हर महतारी के हिरदे रोही"।।

       आज ये बहुते चिंता के बात आय के जेन मनखे गौ ला महतारी मानथे, उही मन वोला कसाई मन के हाथ म बेंच देथे। जब तक कसाई खाना ला बंद नइ करवायें जाही तब तक गौ माता ऊपर अइसने अतियाचार होते रही। येकर बर सबो समाज ला जगाये ला परही अउ सरकार ला घलो येकर ऊपर सक्त से सक्त कानून लाये बर परही,तभे ये सब रूक पाही।

       "आवव हम सब ये किरिया खावन,के गौ माता ला बचाबो।

        ओकर ऊपर होवत अतियाचार ला, चलव जड़ ले मिटाबो।।" 

लेखकार:- गुमान प्रसाद साहू

ग्राम:- समोदा(महानदी),आयंगर

जिला :- रायपुर छत्तीसगढ़ 

मोबा:- 9977213968,9977313968